काठमांडू । संघीय संसद सुनवाई समिति ने सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तावित तीन न्यायाधीशों और एक न्यायिक परिषद सदस्य के लिए संसदीय सुनवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
समिति की आज की बैठक में प्रस्तावित सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों वरिष्ठ अधिवक्ता मेघराज पोखरेल, जनकपुर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्रीकांत पौडेल और उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश दीपालय शांतिसिंह थापा तथा प्रस्तावित न्यायिक परिषद सदस्य महेश कुमार नेपाल के लिए संसदीय सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
समिति ने इनसे संबंधित किसी भी शिकायत या शिकायत को १० दिनों के भीतर समिति को भेजने के लिए सार्वजनिक नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है, अध्यक्ष ईश्वरी नेउपेने ने बताया।
उन्होंने कहा, ‘संसदीय सुनवाई के लिए प्रस्तावित तीन न्यायाधीशों और न्यायिक परिषद सदस्यों के लिए एक पत्र प्राप्त हुआ था । संसदीय सुनवाई प्रक्रिया के अनुसार, १० दिनों के भीतर कोई भी शिकायत उपलब्ध कराने के लिए सार्वजनिक नोटिस के माध्यम से शिकायत मांगने का निर्णय लिया गया है।’
अध्यक्ष न्यौपाने ने कहा कि ऐसी शिकायतें सीधे सचिवालय या ईमेल के माध्यम से भेजने का प्रावधान है। उनके अनुसार संसदीय सुनवाई समिति इसके बाद शिकायतकर्ता से प्राप्त शिकायत की पुष्टि के लिए जानकारी लेगी और प्रस्तावित न्यायाधीश की संसदीय सुनवाई करेगी।
उस दौरान प्रस्तावित व्यक्ति अपनी कार्ययोजना, सोच और अवधारणा प्रस्तुत करेगा। यदि समिति को उनके द्वारा प्रस्तुत अवधारणा सही लगती है तो नाम को मंजूरी दी जाएगी और नियुक्ति का रास्ता खुल जाएगा।
न्यायिक परिषद ने सुप्रीम कोर्ट में रिक्त न्यायाधीश पद के लिए नामों की सिफारिश की थी और प्रधानमंत्री कार्यालय तथा मंत्रिपरिषद ने संसदीय सुनवाई के लिए संसद सचिवालय को पत्र भेजा था।




